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10 or 12 Ke Baad Kya Kare, Kaun Sa Course Kare Or Chune

Jane 10 Aur 12 Ke Baad Kya Kare, Aur Kaun Sa Course Chune?


                                       ज्ञान का भविष्य
10वीं के बाद आपने आगे की पढाई के लिए साइंस स्ट्रीम को चुनां। अब समय है विज्ञान विषयों से 12 वीं पास करने के बाद भविष्य की असली मंजिल तय करने का। अगर आपको लगता है बीएससी ही एकमा़त्र विकल्प है, तो जरा विज्ञान की दुनिया से जुडे इन दिल चस्प क्षेत्रों पर भी नजर डालें। आखिर कैरियर की राह चुनने का मौका बार-2 नही मिलता ।विज्ञान विषयों में बढती सम्भावनाओं मे बीएससी के अलावा अंतरिक्ष विज्ञान, बायोटेक्नोलाॅजी पर्यावरण, जेनेटिक्स, इलेक्टानिक्स
जैसे तमाम विषयो में स्नातक का विकल्प है।
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Space Science

अंतरिक्ष विज्ञान- अंतरिक्ष विज्ञान के अंतर्गत तारों, आकाशगंगा, अंतरिक्ष याानो उपग्रहों का अध्ययन किया जाता है। आज अंतरिक्ष में पाॅच सौ से अधिक सक्रिय उपग्रह रेडियो, टेलीविजन, टेलीफोन सिग्नल संचारित करने और पृथ्वी के पर्यावरण और मौसम का हाल बताने के लिए काम कर रहे है। आधूनिक तकनीक और नए‘-2 वैज्ञानिक उपकरणों के विकास ने अंतरिक्ष विज्ञान को अध्ययन की एक विशेष शाखा बना दिया है।
12 वीं के बाद इलेक्ट्रिकल/ इलेक्ट्रानिक्स/ इलेक्ट्रिकल कम्यूनिकेशन में बैचलर आॅफ इंजीनियरिंग(बीई) करते है, तो आपके लिए इंस्ट्रूमेंट, एस्ट्रोनाॅमी के क्षेत्र में कॅरियर की संभावनाए है।

संभावनाए- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो), प्लेनेटोरियम, सरकारी संगठन, एजेसियों, शिाक्षण संस्थानों और अन्य शोध संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध है।
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प्रमुख संस्थान- 1.बिडला इंस्टीट्यूट आॅफ फंडामेंटल रिसर्च,बंगलूरु, 2.इद्रिरा गाॅधी इंस्टीट्यूट आॅफ डेवलपमेंट रिसर्च, मुंबई, 3.बंगलौर विश्वविद्यालय, बंगलूरु, 4. उस्मानियाॅ विश्वविद्याालय, हैदराबाद, 5.इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फाॅर एस्ट्रोफिजिक्स, पूणे


Photonics Science

                                                              
यह प्रकाश और इलेक्ट्राॅनिक डिवाइसेज की मदद से उपकरण विकसित करने का विज्ञान है। इस तकनीक का प्रयोग कम्यूनिकेशन, हेल्थकेयर, मेडिसिन, रक्षा, आॅप्टिक्स टेक्निशियन, इलेक्ट्राॅनिक आदि क्षेत्रो में होता है।
संभावनाए- शोध व विकास से जुडे संस्थान मेेटीयरालाॅजिकल, डिपार्टमेंट, विश्वविद्यालयों में टीचर, फाइबर एंड इंटीग्रेटेड आॅप्टिक्स, सेमीकंडक्टर से संबंधित क्षेत्र में काम कर सकते है।

प्रमुख संस्थान- 1. भाभा ऐटाॅमिक रिसर्च सेन्टर, मुम्बई, 2.आई0आई0टी0, दिल्ली, मुम्बई व चेन्नई, 3. संेटर फाॅर एडवांस टेक्नोलाॅजी, इन्दौर 4. द इंटरनेशनल स्कूल आफॅ फोटोनिक्स, केरल।


Genetic Science

इसमें वंशानुक्रम और डी0एन0ए में बदलाव जेनेटिसिस्ट, जींस व शरीर में होने वाली आनुवंशिक विविधताओं का अध्ययन करते है।

संभावनाएॅ- सरकारी व प्राइवेट क्षेत्रों के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग एंव टीचिंग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर।

प्रमुख संस्थान- 1. इंस्टीट्यूट आॅफ ह्यमन जेनेटिक्स, गुजरात, 2. जवाहर नेहरु विश्वविद्यालय(जे0एन0यू0), नई दिल्ली, 3. इंस्टीट्यूट आॅफ जेनेटिक्स एंड हास्पिटल फाॅर जेनेटिक डिजीज, हैदराबाद, 4. इंस्टीट्यूट आॅफ जेनेटिक इंजीनियरिंग, कोलकाता।


Biochemistry Science

यह जीव-विज्ञान और रसायन शास्त्र का संगम है। बायोकेमिस्टी इंटरडिसिप्लिनरी प्रोग्राम है, जो लिपिंग सिस्टम की पर फोकस होता है। बाया केमिस्ट्री में कोशिका के विकास डी0एन00 रेप्लिकेशन में शामिल जैविक समूहो का संरचना व कार्य मेम्ब्रेन प्रोटीन की संरचना व कार्य, उपापचयी मार्ग एंजाइम की भूमिका और उत्तक व  कोशिका के सूक्ष्म आणविक भाग का अध्ययन शामिल है। यह एक वास्तविक प्रयोगशाला का विज्ञान है। जो रसायनशास्त्र में आणविक प्रणालियों से लेकर जैविक प़द्धतियों की बडी किस्मों का प्रयोग करता है और रसायन शास्त्र , आणविक व कोशिका जीव विज्ञान के तेजी से बदलते परिदृश्यों की खोज करता है।
 संभावनाएॅ- दवा, खाद्य, लिकर, बायोटेक्नोलाॅजी और एग्राकेमिकल उद्योगों , अस्पतालों प्रयोगशालाओं, कृषि और पर्यावरण संबंधी संस्थानों, पशु चिकित्सालय, शोध संस्थान और अध्यापन के क्षेत्र में ढेरो मौके है।
प्रमुख संस्थान- 1. टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ फंडामेंटल रिसर्च, मुम्बई और बंगलूरु, 2. 0एम0स नई दिल्ली, 3. बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, 4. अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय आदि।
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Molecular Science

यह आणविक स्तर पर जीव विज्ञान का अध्ययन है। मोलेक्युलर बायोलाॅजी खासतौर पर खुद को कोशिकाओं के विभिन्न पद्धतियों के बीच परस्पर संबंध कील समक्त तक सीमित रखता है। इसमें डी0एन00, आर0एन00 और बायोंसिंथेसिस के बीच परस्पर संबंध के बारे में जानकारी दी जाती है।

संभावनाएॅ- शिक्षण चिकित्सा एवं स्वास्थ सेवा, औधोगिक अनुसंधान एवं बिकास, डी0एन00 फिंगर प्रिंटर विशेषज्ञ के रुप में मानव स्वास्थ सेवा अनुसंधान के अनेक क्षेत्रों के साथ-2 न्याय प्रणाली में भी काम कर सकते हैं । पुलिस न्ययिक संवाएं, फोरंसिक वैज्ञानिक एवं अपराध जाच एजेंसी को डी0एन00 फिंगर प्रिंटिग तकनीक में विशेषता रखने वालों की आवश्यकता होती हैं।
प्रमुख संस्थान- गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर, 2. दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली 3. उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद 4. जे0एन0यू0, दिल्ली। इसके अलावा आप पर्यावरण विज्ञान, माइक्रोबायोलाॅजी, टेलीकम्यूनिकेशन, बायोटेक्नोलाॅजी, फार्मेसी आदि क्षेत्र भी चुन सकते है।


10 or 12 Ke Baad Kya Kare, Kaun Sa Course Kare Or Chune 10 or 12 Ke Baad Kya Kare, Kaun Sa Course Kare Or Chune Reviewed by Shubham Chauhan on जनवरी 06, 2017 Rating: 5

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