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2017-04-28

Difference Between Cooler and Air Conditioner Fayde In Hindi

Kiski Air Better Hain Cooler Ki Ya AC Ki


कूलर या एसी की हवा बेहतर

गर्मी में चैन की नींद सोने के लिए कोई कूलर खरीदता है, तो कोई एसी। 

एसी में दिनभर रहे या फिर कूलर में,दोनो के कुछ फायदे भी है और 

नकुसान भी। इस बात को क्‍या आप जानते है 



गर्मी में न घर में चैन और न ही बाहर। प्‍यास लगती है, तो ठंडा पानी पी लेते है, लेकिन ठंडी-ठंडी हवा कहां से लाएं ऐसे में हमारे सामने दो ही विकल्‍प बचते है, कूलर या फिर एसी।  एसी की ठंडी हवा पल में जहां ठंडक और सुकून देकर गर्मी से राहत देती है, तो वहीं कूलर भी शरीर को कूल करने में कोई कंसर नही छोडता। दोनों आपको गर्मी से राहत तो देते है, लेकिन दोनों के कुछ फायदे भी है और नुकसान भी।  एसी कूलर की अपेक्षा गर्मी में ज्‍यादा सुकून देती है, लेकिन इससे निकलने वाली हवा नेचुरल नही होती। कूलर एसी से कई मायनों में बेहतर होता है बशर्ते कि आप उसकी साफ-सफाई का ध्‍यान रखें।  कूलर में आप एसी की तुलना में कितने भी समय तक रह सकते है, लेकिन कई बार साफ-सफाई न करने से इसके पानी में डेगू, मलेरिया और चिकनगुनियां के मच्‍छर पनप जाते है। ये मच्‍छर सेहत के लिए हानिकारक हो सकतेहै। ऑफिस में आप एसी में कई घंटे बिताते है, जिससे पसीना नही निकलता।  एसी से जब आप बाहर निकलते है, तो अचानक शरीर से अधिक पसीना निकलता है, इससे आप गर्मी में चिडचिडापन महसूस करते है। 


 यदि आप एसी से निकलता सामान्‍य तापमान या गर्म स्‍थान पर जाते है, तो आपको बुखारभी हो सकता है।  अधिक देर तक एसी में रहने पर सांसो से संबंधित समस्‍याएं भी होने का खतरा रहता है।  ऐसा इसलिए होता है, क्‍योकि महीनों एसी की सफाई न करने से उसमें धूल जमा हो जाती है। एसी चलाने समय दरवाजे-खिडकिया बंद कर लेते है, जिससे बाहर की ताजी हवा अंदर नही आ पाती।  इससे कमरे में मौजूद हवा एसी से निकलने वाली धूल-गंदगी से प्रदूषित हो जाती है।  ये धूल-कण सांसो में प्रवेश कर जाते है, जिससे सांसो से संबंधित समस्‍याए हो सकती है।  उन्‍हे इसका विशेष ध्‍यान रखना चाहिए,जो अस्‍थमा से पीडित है। ऐसा भी मानाजाता है कि जो लोग लगातार एसी में रहते है, उनका वजन बढ जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्‍योकि एसी में रहने के दौरन मेटाबॉलिज्‍म कम होता है। दिनभर एसी में रहकर आप बेशक काम करते हों, लेकिन पसीना न निकल पाने के कारण फैट बर्न नहीं होता। इससे कुछ लोगों में वजन बढने की शिकायत आती है। वही कूलर में रहनेवाले लोगों को ऐसी कोई भी शारीरिक समस्‍याएंनही आती है। कूलर के साथ एक समस्‍या यह है कि ये हयूमिडिटी को कम करने की बजाय बढाता है। इससे गर्मी और चिपचिता अधिकम महसूस होता है। एसी में ह्यूमिडिटी विल्‍कुल नही होती, इसलिए त्‍वाचा रूखी हो जाती है। एसी त्‍वचा कि प्राकृतिक नमी समाप्‍त कर देती है।  ऐसे में पानी खूब पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।  

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