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2017-05-05

How Does Make Career In Fire Engineering And Safety Management-Fire Engineering Me Career Kaise Banaye

Fire Engineering And Safety Management Kya Hota Hain?

आपदा और मुसीबत के समय दूसरों की मदद करने का जज्‍बा आपके भीतर है,तो फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग करियर का एक बेहतरीन हो सकता है ।

आंकडे बोलते है


30 हजार रूपये प्रतिमाह से अधिक कमा सकते है
05 सालों में इस क्षेत्र में और बढेगी संभावनांए

बिल्डिंग निर्माणरिफाइनरीगैस फैक्‍ट्रीनिर्माण उद्योगप्‍लास्टिक,एलपीजी तथा 
केमिकल्‍स प्‍लांटबहुमंजिली इमारतों व एयरपोर्ट हर जगह रहती है खासी डिमांड।
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        हाल के दिनों में आगजनी की घटनाएं तेजी से बढी है। कभी मॉल,कभी ऑफिस,तो कभी ऊची-ऊची इमारतो में आग लगने से करोडों का नुसकान हो जाता है। आग पर काबू पाने के लिए फायर इंजीनियरिंग से जुडे लोगों की एक ऐसी टीम की जरूरत होती हैजो आग की किस्‍म , आग लगने के कारणआग बुझाने  के तरीकेआग बुझाने के सामान और आग में घिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के हुनर की जानकारी हो। यदि आपके अंदर भी फौलाद सा जिगरसाहसआग में खेलने की हिम्‍मत हैतो फायर इंजीनियरिंग बनकर लोगों और देश की संपत्ति की सुरक्षा कर सकते है। इस क्षेत्र में आने के लिए कई तरह के कोर्स के साथ-साथ प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस क्षेत्र में फायरमैन से लेकर चीफ फायर ऑफिसर तक बन सकते है। यदि आप चाहते है आग से खेलते हुए कॅरियर की बुलंदी तक पहुंचनातो डिप्‍लोमा से लेकर बीई(फायर) करके विभिन्‍न पदों पर काम कर सकते है। फायरमैन वह व्‍यक्ति होता हैजो सीधे-सीधे आग से जूझता है। फायरमैन की टीम हर फायर स्‍टेशन में तैनाक होती है। लीडिंग फायरमैन बनने के बाद विभागीय परीक्षा उत्‍तीर्ण कर लीडिंग फायरमैन बना जा सकता है।सब ऑफिसर किसी भी फायर टेंडर का लीडर होता हैजिसकी कमान में फायरमैन और लीडिंग फायरमैन होते है। यह परिस्थिति का आंकलन कर अपनी टीम को मार्गदर्शक देता है कि किस प्रकार से कम से कम नुकसान झेलते हुए आग को बुझाया जा सके। स्‍टेशन ऑफिसर किसी भी फायर स्‍टेशन का प्रमुख होता हैजो न सिर्फ फायर स्‍टेशन की टीम को लीड करता हैबल्कि इस बात की पूरी जानकारी रखता है कि उसकी जिम्‍मेदारी के दायरे में आने वाले इलाके में किस तरह की इमारतेफैक्ट्रियां,रिहाइशी इलाके है। इसके साथ ही असिस्‍टेंट डिविजनल ऑफिसर,डिविजनल ऑफिसरडिप्‍टी चीफ फायर ऑफिसरचीफ फायर ऑफिसर जैसे कई अधिकारी होते है।फायर फाइटर्स का मुख्‍य काम होता हैआग लगने के कारणों का पता लगाना । उसे रोकनेके उपायों का विश्‍लेषण करना। फायर फाइटिंग सिविलइलेक्ट्रिकएन्‍वायमेंटल इंजीनियरिंग से जुडा क्षेत्र है। मसलनआग बुझाने के यंत्रों की तकनीकी जानकारीस्प्रिंक्‍लर सिस्‍टमअलाम , पानी की बौछार का सबसे सटीक इस्‍तेमालकम से कम समय में अधिक से अधिक जान और माल की रक्षा करना होता है।

यहां से करें कोर्स...............


इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजीखडगपुर
iitkgp.ac.in
राष्‍ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यायलपालम रोडनागपुर
www.nfscnagpur.nic.in/
दिल्‍ली इंस्‍टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंगनईदिल्‍ली
dife.in
गंगा इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्‍नोलॉजीझज्‍जरहरियाणा
www.gangainstitute.com
इं‍डियन फायर सर्विस इंजीनियरिंग एंड सेफ्टी मैनेजमेंटऔरंगाबाद
www.firesafetycollege.com
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अवसरों की कोई कमी नही


डिप्‍लोमा या डिग्री में दाखिले के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है। कुछ पदों के लिए बीई(फायर) की डिग्री अनिवार्य है। प्रवेश के लिए ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्‍जाम होता है। केमिस्‍ट्री के साथ फिजिक्‍स या गणित विषय में 50%  अंकों के साथ उत्‍तीर्ण हो। डिप्‍लोमा इन फायर एंड सेफ्टीबीएससी एन फायर इंजीनियरिंगसर्टिफिकेट कोर्स इन फायर फाइटिंगफायर टेक्‍नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट आदि कोर्स कर सकते हैजिसकी अवधि छह महीने से लेकर तीन साल तक है। कोर्स के दौरान आग बुझाने की मकनीकी जानकारी से लेकर जान-मान के बचाव के साइंटिफिक फॉर्मूला की जानकारी दी जाती है। इसमें रोजगार की अगर संभावनाएं है। फायर इंजीनियर की जरूरत अग्निशमक विभाग के अलावा रिफाइनरगैस फैक्‍ट्री,प्‍लास्टिकएलपीजीतथा केमिकल्‍स प्‍लांट में होती है।



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