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2017-06-08

Detox Bath Kya Hota Hain, Iske Benefits Ke Bare Me Jane, Weight Loss

Detox Bath Kya Hain Aur Uske Fayde??


कभी पुदीने की पत्तियां, कभी सेब का सिरका। कभी अदरक का रस, तो कभी समुद्री नमक। नहीने की ये नई विधियां चमत्‍कार करती है।

भीषण गर्मी है। बिना नहाए चैन नहीं। सुबह, शाम, रात जब मन किया स्‍नान कर लिया। शरीर पर पानी उडेल लेना ही काफी नहीं है।इससे गर्मी और पसीने से थोडी देर के लिए राहत मिलती है, लेकिन शारीरिक थकान दूर नहीं होती । रिलैक्‍स महसूस नहीं होता। बेहतर नींद नहीं आती। स्‍नान करने का असर तन-मन दोनों को हो, इसके लिए ‘डिटॉक्‍स बाथ’ लेकर देखें। यह नहाने का बेहद आसान और स्‍वास्‍थवर्धक फॉर्मूला है। यदि पहली बार इसका नाम सुन रहे है, तो इसे आजमा कर भी देखिए। खासकर वे लोग, जो वजन कम करने की जद्दोजहद में लगे हुए है।

Detox Bath Kya Hota Hain? क्‍या है डिटॉक्‍स बाथ:

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डिटॉक्‍स बाथ शरीर में मौजूद विषैले (टॉक्सिन) पदार्थों की सफाई करता है। यदि वजन बढ गया है, तो वजन भी कम कर सकता है। यह शरीर से चर्बी नहीं हटाता। इससे शरीर का संतुलन बना रहता है। जब शरीर टॉक्सिन मुक्‍त होता है, तो यह न्‍यूट्रिएंट्स को अच्‍छी तरह से ग्रहण और इस्‍तेमाल करता है। मेटाबॉलिज्‍म भी बेहतर होता है। डिटॉक्‍स बाथ में इस्‍तेमाल किए जाने वाले कई सामग्री एंटीइन्‍फ्लेमेटरी होते है। चूंकि इन्‍फ्लेमेशन वजन कम करने की प्रक्रिया में रूकावट डालता है, ऐसे में डिटॉक्‍स बाथ से इन्‍फ्लेमेशन कम होने पर वजन कम किया जा सकता है। यह रिलैक्‍स करता है। शरीर का संतुलन बने रहने की वजह से इमोशनल ईटिंग की आदत कम होती है। हालांकि इसे चुटकी में वजन कम करने की जादुई छडी  मानना भी गलत है। स्‍वस्‍थ खानपान और लगातार एक्‍सरसाइज करते हुए डिटॉक्‍स बाथ लेना आपकी राह को आसान बना सकता है।

तरो ताजा रखे पुदीने की पत्तियां:


मेटाबॉलिज्‍म और एन्‍डोक्राइन सिस्‍टम को रेगुलेट कर थकान एूर करने के लिए पानी  में बीस बूंदें पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल की डालें। इससे आपको तरोताजा और ऊर्जा से भरा होना का अहसास होगा। हां, स्‍नान करते वक्‍त एक बात का ध्‍यान रखें कि पानी आंखों में न जाए। चाहें तो पुदीने की पत्तियां भी पानी में डाल दें।

एप्‍सम सॉल्‍ट बाथ:

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एप्‍सम सॉल्‍ट या रेचक नमक मैग्‍नीशियम और सल्‍फेट से बना होता है। ये दोनों ही शरीर से बिषैले पदार्थों को बाहर निकालते है। मैग्‍नीशियम शरीर में होने वाले इन्‍फ्लेमेशन को कम करता है। सल्‍फेट टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालता है। एप्‍सम का इस्‍तेमाल वर्षो से हो रहा है। यह मांसपेशियों को आराम देता है। त्‍वचा मुलायम बनाता है। इसे डिटॉक्‍स बाथ के लिए भी बेहतर माना गया है। एक बडा चम्‍मच पानी में इसे डालें। कुछ दिनों तक इसे इस्‍तेमाल में लाने के बाद धीरे-धीरे मात्रा बढाकर एक या दो कप भी कर सकते है।

सेब का सिरका बडे काम का:


वजन कम करने के लिए एप्‍पल सिडर वेनेगर एक अच्‍छा उपाय है। इसे एक गिलास पानी में डालकर पीने से लाभ होता है। इसका इस्‍तेमाल ड्रिटॉक्‍स बाथ में भी होता है। एक बाल्‍टी पानी में एक बडा चम्‍मच एप्‍सम सॉल्‍ट मिलाएं। फिर उसमें दो बडे चम्‍मच एप्‍पल सिडर वेनेगर डाल दें। इससे आप दिन भर तरोताजा और जवां महसूस करेंगे।

त्‍वचा के लिए फायदेमंद समुद्री नमक:


एप्‍सम सॉल्‍ट नहीं है, तो सी सॉल्‍ट का इस्‍तेमाल करें। एक या दो बडे चम्‍मच समुद्री नमक को पानी में डालें। यह प्राकृतिक रूप से शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर निकालता है। इससे नहाते ही ऊर्जा से भर उठेंगे। इसमें कई मिनरल्‍स और पोषक तत्‍व होते है, जो त्‍वचा को जवां बनाते है। मैग्‍नीशियम, कैल्शियम, सोडियम जैसे मिनरल्‍स त्‍वचा के रोम छिद्रों में प्रवेश कर त्‍वचा की सतह को साफ करते है। अच्‍छी क्‍वालिटी और अपरिष्‍कृत(अनरिफाइंड) समुद्री नमक खरीदें, लाभ होगा।

अदरक से नहाया क्‍या:


 अदरक को प्राकृतिक रूप से एंटी-इन्‍फ्लेमेटरी माना गया है। इतना ही नही इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर को पसीने के जरिए टॉक्सिन रिलीज करने में मदद करता है। एक बालटी पानी में तीन बडे चम्‍मच ताजा, छिलका रहित एवं कद्दूकस किया अदरक डालें। चाहें तो एप्‍सन सॉल्‍ट भी अतिरिक्‍त लाभ पाने के लिए डाल दें।

मेटाबॉलिज्‍म के लिए एसेंशियल ऑयल:


नींबू, संतरा और अंगूर से बने सिट्रस एसेंशियल ऑयल मेटाबॉलिज्‍म को रेगुलेट करने के लिए बेहतर माने गए है। पसंदीदा सिट्रस ऑयल की पांच-दस बूंदे एक बाल्‍टी पानी में डालें और लाभ देखें।

नीलगिरी की क्‍या बात:


डिटॉक्सिफाइंग एसेंशियल ऑयल में नीलगिरी(यूकलिप्‍टस) भी आता है। यह एनाल्‍जेसिक और एंटी-इन्‍फ्लेमेटरी का महत्‍वपूर्ण स्‍त्रोत है। सीने में भारीपन महसूस हो या सांस लेने में तकलीफ हो, तो भी यह राहत देता है। पानी में बीस बूंदे डालें। चाहें तो एप्‍सम या सी सॉल्‍ट मिलाएं।

लावेंडर और टी ट्री ऑयल का कमाल:


 वैसा स्‍नान जो आपको आराम दे, संतुष्टि दे और डिटॉक्सिफाई भी करे, उसके लिए लावेंडर का इस्‍तेमाल वर्षों से तनाव दूर करने और आरामदायक नींद पाने के लिए किया जाता रहा है। टी ट्री ऑयल में एंटीबैक्‍टीरियल, एंटीफंगल और डिटॉक्सिफाइंग तत्‍व होते है। दोनों को पानी में साथ में डालकर स्‍नान करने से जादुई लाभ होता है।
कुछ खास बातें:

डिटॉक्‍स बाथ लेने से पहले डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें। डिटॉक्‍स बाथ लेने से पहले खूब पानी पिएं। मौसमके अनुसार पानी ठंडा या गर्म रखें। डिटॉक्‍स बाथ 30 मिनट से अधिक न लें। सप्‍ताह में तीन बार ही डिटॉक्‍स बाथ लें।

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