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2017-06-06

Social Depression Anxiety Disorder Kya Hota Hai, Aur Iska Symptoms(Lakshan),Treatment (Upchar) Prevention (Roktham) Kaise Kare In Hindi

Social Depression Anxiety Disorder Kya Hota Hain?


आपकी आदतों को खुशियों का इंतजार:

कोई घर पर अकेले रहता हैतो किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है। कुछ आदतें आपकी खुशियां भी तय करती हैतो कुछ खुशियों को चुराती भी है। आदतें बदलेंआपकी और आपके इर्द-गिर्द की दुनिया खुद-ब-खुद बदल जाएगी।

आदतें कुछ अच्‍छी होती हैतो कुछ बुरी भी। आदतें हमें बनाती भी है और बिगाडती भी है। अगर आदतें स्‍वस्‍थ होंतो स्‍वास्‍थ भी अच्‍छा रहता है। छोटी सी छोटी आदत भी जीवन की दिशा तय करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक अध्‍ययन कहता है कि जो लोग घर में अकेले रहना पसंद करते हैउदास संगीत सुनते हैवे मुड को तरोताजा करने वाले संगीत सुनते और घुमने-फिरने वालों की तुलना में अधिक चिंति‍त नजर आते है। कहने का तात्‍पर्य ये है कि साधारण सी दिखने वाली आपकी कुछ आदतें चुपके से कब आपके जीवन में निराशा भर देती हैआपको पता भी नही चलता। आप उदास रहने लगते है। चिंता और व्‍यग्रता आप पर और हावी न होइसके लिए जरूरी है रोजमर्रा की आदतोंजीवनशैली को बदलकर देखना। वरना आपकी ये आदतें गंभीर समस्‍या या एंग्‍जाइटी डिसऑर्डर(Anxiety Disorders) का रूप भी ले सकती है।

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Social Depression Anxiety Disorder Symptoms(Lakshan) And Treatment (Upchar)


Social Media है वजह-


दिन रात सोशल मीडिया जैसे फेसबुकट्विटरइंस्‍टाग्राम आदि पर चिपके रहने की आदत। बेशक यह आदत आपको सामान्‍य लगती हो। कुछ देर के लिए मनोरंजन का साधन हैपर यह भी एंग्‍जाइटी को बढाता है। हाल ही में किए गए कुछ शोधों में यह बात सामने आई है कि फेसबुक पर अधिक समय बिताना एंग्‍जाइटी का कारण बनता है। ऑस्‍ट्रेलिया साइकोलॉजी सोसाइटी ने एक शोध में पाया है कि फेसबुक पर समय बिताने वाले लगभग 50 प्रतिशत लोग फोमो(फीयर ऑफ मिसिंग आउट) यानी पीछे छूट जाने के डर का शिकार हो जाते है। देर रात तक जागकर लोग सोशल मीडिया पर लगे रहते है। वे रियल वर्ल्‍ड से कट जाते है। पर्याप्‍त नींद नही लेते। लोगों की अच्‍छी-अच्‍छी तस्‍वीरें देखकर किशोरों में हीन भावना घर कर जाती है। उनमें आत्‍मविश्‍वास की कमी हो जाती है। धीरे-धीरे वे अपने लुक को लेकर चिंतित रहने लगते है।

दुख भरे नगमों से करें तौबा-


संगीत में इतनी ताकत होती है कि यह आपके मूड की तुरंत प्रभावित कर देती है। आपने गौर भी किया होगा कि जब आप एक मधुर संगीत सुनते हैतो आपके चेहरे पर एक मुस्‍कुराहट आ जाती है। इसके विपरीतजब आप एक उदास और मन को परेशान करने वाला संगीत सुनते हैतो मूड अच्‍छा नहींबल्कि खराबहोता है। खासकर जब आप एंग्‍जाइटी से घिरे हुए हैतो इस तरह का संगीत न सुनें। बेहतर होगा कि आप मूड को खुश व तरोताजा करने वाले गाने सुनें। कुछ ऐसे गानेजिससे दिमाग को भी शांति मिले।

मेहनत करें खूब-

हम सभी शारीरिक मेहनत का महत्‍व जानते है। इसके बावजूद कितने लोग इस बात को अपनी रोजमर्राकी जिंदगी में उतारते है?  कई बार बिल्‍कुल मेहनत न करना एंग्‍जाइटी का कारण हो सकता है। मेहनत न करने की आपकी आदतआगे चलकर शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए भी नुकसानदायक साबितहो सकती है। कुछ लोग काम करने से इसलिए भी बचते हैक्‍योकि वे बहुत जल्‍दी थक जाते है। एंग्‍जाइटी से बचने के लिए शारीरिक मेहनत करें। इससे दिमाग को लाभ पंहुचाने वाले केमिकल बनते है। आपका शरीर काम करने के लिए बना है। यदि इससे काम नही लेगेंतो शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह से नुकसान होगा।
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अकेले क्‍यों रहना-

पूरा दिन घर में अकेले बिताना। अच्‍छी आदत नही है। यह व्‍यग्रता को कम नहीबल्कि बढाता ही है। घर से बाहर निकलें। दिन में कुछ घंटे घर से बाहर दोस्‍तों के साथ बिताएं। इससे तनाव कम होगा और आपकी एंग्‍जाइटी भी शांत रहेगी। अकेले होने पर दिमाग में कई बार उल्‍टे-सीधे विचार आते है। पूरा दिन कुछ न कुछ करने की कोशिश करें। इससे दिमाग में खुश करने वाले केमिकल बनते हैजो आपको खुशी का अहसास कराते है। शरीर को सही आकार में रखने के लिए स्‍वस्‍थ भोजन के साथ-साथ ताजी हवा और सूरज की रोशनी की भी जरूरत होती है। ताजी हवा के संपर्क में आने से शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है। इससे शरीर पर जमा वसा भी कम होती है। अपने शरीर की ताजी हवा की जरूरत को पूरा करने के लिए बस एक कदम बाहर रखने की जरूरत है।

खाने-पीने में लापरवाही-


कुछ भी खा लेने की आदत ठीक नही। इससे भी चिंता और व्‍यग्रता में इजाफा होता है। अधिक खाना या बिल्‍कुल नहीं खानादोनों ही रूपों एंग्‍जाइटी की संमस्‍या खाने  की आदत को प्रभावित करती है1 ऐसे में सही समय पर पौष्टिक भोजन लेने की कोशि‍श करें। आपका शरीर तो स्‍वस्‍थ रहेगा हीआप मानसिक तौर पर भी हल्‍का महसूस करेंगे। चीजों को टालते हैतो आप एंग्‍जाइटी के शिकार है। समय पर अपना काम निपटाएं। मानसिक रूप से चिंता मुक्‍त रहेंगे।

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