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2017-06-15

Virgin Olive Oil Extra Virgin Difference Fayde In Hindi



तेल तय करने से पहले

वर्जिन ऑलिव ऑयल सब्‍जी में डालें या एक्‍स्‍ट्रा ऑलिव ऑयल?? यदि आपके मन में भी कई सवाल है, तो पहले पूरी जानकारी ले लें।
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सरसों, नारियल, रिफाइंड आदि तेलों के बाद अब किचन में ऑलिव ऑयल ने भी जगह बना ली है। लोग भोजन के साथ-साथ त्‍वचा और बालों को स्‍वस्‍थ बनाए रखने के लिए इसका इस्‍तेमाल करने लगे  है। शोध की माने तो संबंधित बीमारियों और डायबिटीज से भी बचाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ई और एंटीऑक्‍सीडेंट भी भरपूर होता है। न्‍यूट्रिशनिस्‍ट कहते है , ऑलिव ऑयल कई चरणों में तैयार होते है। कई वर्गों में बंटे होते है, जो इसकी शुद्धता और पौष्टिकता को दर्शाते है। पहले और दूसरे प्रेसिंग में निकला हुआ तेल न्‍यूट्रिशनल वैल्‍यू में बेहतर होता है। एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन या वर्जिन की गुणवत्‍ता ऑयल प्रेसिंग पर निर्भर करती है। किस ऑलिव ऑयल का इस्‍तेमाल कब और कहां करना चाहिए, यह जानना जरूरी है। अधिकरत लोग बिना जाने इसका इस्‍तेमाल करते है। खरीदते समय ध्‍यान से डिब्‍बे पर लिखी हुई जानकारियों को पढें। सब्‍जी या नॉनवेज बनाने के लिए एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्‍तेमाल ठीक नही। एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन ऑलिव पहली बार सीड्स को प्रेस करके तैयार किया जाता है। इसे सलाद, हल्‍के भूनकर बनाए जाने वाले व्‍यंजन में ही इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए। चूंकि भारतीय खानपान अधिक तापमान पर बनाए जाते है, ऐसे में इसे इस्‍तेमाल करना ठीक नहीं है। ऐसा दसलिए, क्‍योकि इसका हीटिंग या स्‍मोकिंग प्‍वॉइंट कम होता है, जिसे धीमी आंच पर भी पकाया गया, तो यह जल सकता है। इसमें सब्‍जी या नॉनवेज बनाने में सारे विटामिन्‍स एवं गुण निकल जाते है। बेहतर होगा कि खाना बनाने में पोमेस ऑलिव ऑयल का इस्‍तेमाल करें। यह ऑलिव सीड्स की सबसे अंतिम प्रेसिंग से बनता है। वर्जिन ऑलिव ऑयल, सभी के अलग-अलग फायदे है। एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल सबसे अच्‍छा होने के कारण सबसे महंगा भी होता है। इसका एसिडिटी लेवल अन्‍य ऑलिव ऑयल की तुलना में सबसे कम होता है। इसमें  पाए जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट्स और मिनरल्‍स की मात्रा भी सबसे ज्‍यादा होती है। इसके बाद वर्जिन ऑलिव ऑयल बेहतर होता है। यह अनरिफाइंड होता है यानी इसे तैयार करने के दौरान कोई भी केमिकल या हीट का इस्‍तेमाल नहीं किया जाता है। वर्जिन ऑलिव ऑयल का एसिडिटी लेवल अधिक होता है। इससे सब्‍जी बनाई जा सकती है, लेकिन डीप फ्राइंग के लिए यह बेहतर नहीं होती है। साथ ही इसके फलेवर की अधिकता और स्‍वाद एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन से कम माइल्‍ड होता है।

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