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2017-08-26

Comparison Between Healthy Food And Junk Food-हेल्दी फूड Aur फास्ट फूड

फास्‍ट फूड से करके तौबा हेल्‍दी फूड को लगांए गले

दाल, चावल, रोटी और सब्‍जी की जगह पिज्‍जा, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज टेबल पर आ जाए, तो भूख दोगुनी हो जाती है। लेकिन हर रोज फास्‍ट फूड से पेट भर लेना आपकी सेहत को बिगाड भी सकता है।


थाली में चावल, दाल, सब्‍जी, रोटी की जगह पिज्‍जा, बर्गर या फिर चाउनमीन आ जाए, तो पूरी थाली झट से साफ हो जाती है। फासट फूड युवाओं और बच्‍चों का फेवरेट फूड बनता जा रहा है। घर के बने पौष्टिक भोजन की बजाय जंक फूड को तवज्‍जो देना सेहत के साथ खिलवाड करना है। अधिकतर फास्‍ट फूड ट्रांस फैट्स, शुगर और सोडियम से भरपूर होते है, जो हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह आदि को जन्‍म देते है। खासकर बच्‍चे पिज्‍जा, बर्गर के नियमित सेवन से मोटापे का शिकार हो रहे है। हेल्‍दी फूड जैसे घर का बना खाना विटामिंस, मिनरल्‍स, हेल्‍दी फैट्स और प्रोटीन का मुख्‍य स्‍त्रोत होता है, जो ऊर्जा, अच्‍छी सेहत और उम्र को बढाता है। फास्‍ट फूड निम्‍न-गुणवत्‍ता वाले कुकिंग ऑयल में बनाए जाते है, जिसमें ट्रांस फैट बहुत होता है। ट्रांस फैट इंफ्लेमेशन और आर्टेरियल कोशिकाओं के क्‍लासिफिकेशन के लिए जिम्‍मेदार होता है, हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक को बढता है। एवोकाडो, नट्स और अनप्रोसेस्‍ड ऑयल जैसे ऑलिव और एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन कोकोनट ऑयल के सेवन से हृदय रोग का खतरा कम होता है। वजन काबू में रहता है और बढती उम्र में भी आप स्‍वस्‍थ रहते है। सोडियम हमारे डाइट का जरूरी न्‍यट्रिएंट है। नेशनल इंस्‍टीट्यूट आफॅ हेल्‍थ के अनुसार, प्रतिदिन 2300 मिलिग्राम सोडियम का सेवन करना चाहिए। चंूकि फास्‍ट फूड को अधिक किया जाता है। ऐसे में जो लोग फास्‍ट फूड हर दिन खाते है, वे 2300 मिलिग्राम से भी अधिक सोडियम एक दिन में ग्रहण करते है। अधिक सोडियम के सेवन उच्‍च रक्‍तचाप और हृदय रोग हो सकता है। वही फास्‍ट फूड में शुगर की मात्रा भी अधिक होती है, जो मोटापे का कारण बनती है।

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