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2017-08-30

Psychometric Test Kya Hota Hai

Psychometric Test Kya Hota Hai?


अब कंपनियां नए प्रोफेशनल्‍स के हुनर को ‘साइकोमेट्रिक टेस्‍ट’ के जरिए परखती है। इससे एंप्‍लॉयर आसानी से यह जान पाते है कि कौन है अधिक योग्‍य??

दिमाग के साथ दिल का टेस्‍ट


काम सभी करते है, पर अपने काम को संस्‍थान और खुद की तरक्‍की से जोडकर देखने का नजरिया किसी-किसी में ही होता है। आज कंपनियां हुनर के साथ-साथ ऐसे प्रोफेशनल्‍स को तरजीह दे रही है, जो नकारात्‍मक नहीं सोचते। जिनमें खुद और कंपनी को बुलंदी तक जाने का जज्‍बा हो। अब सवाल यह उठता है कि एंप्‍लॉयर कैसे पता लगाए कि उसके यहां नौकरी मांगने आया शख्‍त अपने काम हुनर को किस नजरिए से देखता है?? ‘साइकोमेट्रिक टेस्‍ट‘ वह जरिया है, जिससे एंप्‍लॉयर अपने कर्मचारियों की योग्‍यता, उनका मानसिक स्‍तर और हुनर अच्‍छी तरह से जान सकते है।

आईटी, मीडिया आदि क्षेत्रों में भी पेशेवरों को रखने से पहले साइको टेस्‍ट लेने का ट्रेंड बढता जा रहा है।

साइको टेस्‍ट में उम्‍मीदवारों को कुछ सवालों के जवाब और तश्रवीरें देखकर सौ शब्‍दों में लिखना होता है।

सिर्फ हुनर ही काफी नहींअब सिर्फ हुनर अच्‍छे पेशेवर की योग्‍यता का पैमाना नहीं रहा। कंपनियां अब ऐसे पेशेवरों को तवज्‍जों देती है, जिन्‍हें अपने काम में महारथ हासिल हो। जिनका नजरिया और सोच कंपनी के वर्क कल्‍चर से मेल खाए। ऐसे में पेशेवरों की मानसिकता उनके विजन को परखने के लिए ‘साइकोमेट्रिक टेस्‍ट‘ ने ट्रेंड का रूप ले लिया है।

हाव-भाव पर दें पूरा ध्‍यान मनोविश्‍लेषक आपके हाव-भाव से आपके झूठ को पकड सकता है, इसलिए कुछ भी छुपाएं नहीं।


इंसान के व्‍यवहार और उसकी मानसिकता को समझने की क्षमता रखने वाले यानी मनोविश्‍लेषक साइकोमेट्रिक टेस्‍ट के जरिए पेशेवरों की कार्य क्षमता, प्रवृत्ति और नजरिये का आकलन करते है। साइको टेस्‍ट के तहत उम्‍मीदवार को कुछ सवाल, और कुछ तसवीरें दी जाती है। उन्‍हें सवालों के जवाब देने होते है और तस्‍वीर देखकर इसके बारे में सौ से दो सौ शब्‍दों में लिखना होता है। इसके बाद मनोविश्‍लेषक खुद भी उम्‍मीदवार से रू-ब-रू होकर सवाल-जवाब करते है। चूकिं साइको टेस्‍ट उम्‍मीदवार के मानसिक स्‍तर का जानने का पैमाना है, लिहाजा यहां उम्‍मीदवारों को ज्ञान और टैलेंट ज्‍यादा मायने नहीं रखता। टेस्‍ट में सफलता के लिए उम्‍मीदवार का आत्‍मकेंद्रित होना जरूरी शर्त है। इस टेस्‍ट के लिए एक समय-सीमा भी निर्धारित होती है, इसलिए कम समय में अपनी बात और नजरिया स्‍पष्‍ट करें। सवालों के जवाब देने में अपने विवेक का पूरा इस्‍तेमाल करें। हालांकि साइको टेस्‍ट में इंटरव्‍यू का बहुत महत्‍व है, लेकिन इसे मनोविश्‍लेषक से खुली बातचीत के तौर पर लें। हां, इंटरव्‍यू के दौरान न ही झूठ बोलें और न ही कुछ छुपाएं।  

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