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2017-09-06

Greenhouse Management Me Career Kaise Banaye

पौधों से बनाए हरा-भरा भविष्‍य

फूल-पौधों के बीच रहना पसंद है या फिर बनना चाहते है पेड-पौधों के विशेषज्ञ, तो शहरों और महानगरों में नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में आप अपने करियर को सजा सकते है।

समय के साथ काफी कुछ बदलता है। खेती भी। उसका तरीका भी। यदि आप कृषि से संबंधित कार्यों में करियर बनाना चाहते है, तो नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में आपके पास एक बेहतर विकल्‍प है। इससे आप अच्‍छी कमाई तो करते ही, साथ ही साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देते है।

प्रशिक्षण देने वाले संस्‍थान

जी.बी. पन्‍त यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्‍चर एंड टेक्‍नोलॉजी, पंतनगर, उत्‍तराखंड,
पंजाब एग्रीकल्‍चर यूनिवर्सिटी लुधियाना
web.pau.edu
तमिलनाडु एग्रीकल्‍चर यूनिवर्सिटी

अहम योग्‍यता है बायोलॉजी

बता दें कि नर्सरी या ग्रीन हाउस मैनेजर का ताल्‍लुक एग्रीकल्‍चर से है। इसमें अपना करियर बनाना चाहते है, तो आपके पा बारहवीं में बायोलॉली विषय अवश्‍य होना चाहिए। भारत में नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के लिए कोई डिग्री या डिप्‍लोमा निर्धारित नहीं है, लेकिन बायोलॉजी विषय से आप कृषि की हर शाखा को बखूबी जान-समझ सकते है। नर्सरी या ग्रीन हाउस मैनेजर बनने में आपकी दिलचस्‍पी है, तो बीएससी एग्रीकल्‍चर साइंस या हॉर्टिकल्‍चर करें। इसके बाद आप इसमें सर्टिफिकेशन कर सकते है। सर्टिफिकेशन ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म से कर सकते है, जैसे जी.बी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्‍चर एंड टेक्‍नोलॉजी (पंतनगर, उत्‍तराखंड)। यहां एक या दो दिन की वर्कशॅप में सर्टिफिकेशन कोर्स करवाया जाता है। आप को नर्सरी व ग्रीन मैनेजर में करियर बनाना है, तो सर्टिफिकेशन कोर्स का ध्‍यान रखें।
प्राइवेट सेक्‍टर में जॉब

इस क्षेत्र में सर्टिफिकेशन कोर्स करने के बाद आपको हॉर्टिकल्‍चर विभाग, प्‍लांट ब्रीडिंग विभाग, रिसर्च कंपनी, एग्रीकल्‍चर कंपनी, प्‍लांट होलसेलर, नर्सरी या मैनेजमेंट सेक्‍शन में जॉब मिल सकती है। करियर को मजबूत बनाने के लिए नर्सरी और ग्रीन हाउस में स्‍पेशलाइजेशन के साथ एमबीए इन एग्रीकल्‍चर किया जा सकता है। याद रहे कि नर्सरी का ध्‍यान नहीं रखेंगें, तो बिजनेस डेवलप नहीं हो पाएगा। कारण इसमें मौसन, ब्रीडिंग प्रासेस, वाटररिंग, सॉएलिंग, केमिकल्‍स, शेडिंग, टेम्‍परेचर कंट्रोल का खास ध्‍यान देना होता है।

स्‍वयं बॉस बनिए

सर्टिफिकेशन के बाद आप अपना बिजनेस या स्‍टार्टअप भी शुरू कर सकते है। यूं कहें कि प्राइवेट क्लिनिक बनाकर विभिन्‍न पेड-पौधों को बेचने का काम कर सकते है। इसमें तुजुर्बा होने पर बडे-बडे फार्म हाउस व ऑर्गनाइजेशन में ट्रेनिंग दे सकते है। आजकल लोग नर्सरी से संबंधित अपने काम का वेबसाइट बनवाकर ऑनलाइन पौधों को बेचने का काम करते है। खेती में किसी भी नौकरी से ज्‍यादा कमाई है। ऐसे में कई किसान इस काम का फायदा उठा सकता है। किसान अपनी फसलों को समझकर और मौसम के अनुसार उसे तैयार करने के लिए कृषि की आधुनिक तकनीकों को अगर अपनाता है, तो निश्चित रूप से उसे खेती में अच्‍छा मुनाफा मिलेगा।

ग्रीन हाउस पर फोकस

आजकल मल्‍टीनेशल कंपनियां ग्रीन हाउस पर फोकस कर रही है। वे बिजनेस के अलावा वातावरण को स्‍वच्‍छ बनाने की पुरजोर कोशिश करती है। पहले के जमाने में माली से जानकारी लेकर पौधे उगाया करते थे, पर आज टेक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से ग्रीन हाउस के लिए एक्‍सपर्ट से राय लेते है। यह एक्‍सपर्ट हॉर्टिकल्‍चरिस्‍ट देते है।

शुरूआती कमाई15-20 हजार रूपये खुद के व्‍यवसाय में कमा सकते है।
25-30 हजार रूपये प्राइवेट कंपनी में नर्सरी मैनेजर को मिलता है।

कमाई कढती है

यदि आप इस क्षेत्र में अपना व्‍यवसाय खोलते है, तो शुरूआत में आप 15 से 20 हजार रूपये कमा सकते है। जैसे-जैसे व्‍यवसाय का विस्‍तार होगा, वैसे-वैसे मुनाफा भी अधिक होता जाएगा। इसके लिए सरकारी नौकरियां बहुत कम है। प्राइवेट कंपनी में नर्सरी मैनेजर के रूप में कार्य करते हुए प्रत्‍येक महीने 25 से 30 हजार रूपये कमा सकते है। यानी साल में तीन से साढै तीन लाख आपकी आमदनी हो सकती है।

लोकप्रियता का आरंभ

कुछ वर्षों पहले भारत में यह करियर लोकप्रिय नहीं था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। धीरे-धीरे नर्सरी और ग्रीन हाउस का काम भी यहां लोग अपना रहे है। इसका मुख्‍य कारण है ग्रीन हाउस इफेक्‍ट के संबंध में दुनिया भर में चर्चा होना। भारत भी इसमें बहुत काम कर रहा है।

मांग बढेगी

वैसे तो इस कोर्स को करने के लिए कोई खास संस्‍थान नहीं है, लेकिन जिन विश्‍वविद्यालों में बीएससी एग्रीकल्‍चर साइंस या बीएससी हॉर्टिकल्‍चर है, वहां इस विषय पर वर्कशॉप आयोजित किए जाते है और ट्रेनिंग दी जाती है। बेशक भारत में नर्सरी मैनेजर और ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में करियर बनाने वालों की संख्‍या कम है, लेकिन यह बेहतर विकल्‍प बनकर उभर रहा है। अभी शुरूआत है, आने वाले दशक में इनकी काफी मांग बढेगी।

विशेषज्ञ की बात


जैसे कोई कुक है, लेकिन उसे बिरयानी में महारथ हासिल नहीं है, तो बिरयानी सीखकर बिरयानी एक्‍सपर्ट बन सकता है। इसी तरह बीएससी एग्रीकल्‍चर साइंस में स्‍पेशलाइजेशन नसर्री डेवलपमेंट या मैनेजमेंट करने के बाद छात्र पेड-पौधों का एक्‍सपर्ट बनकर ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में अपने करियर को नया आयाम दे सकते है। इसमें आप अपना स्‍टार्टअप भी शुरू कर सकते है। 

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