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2017-11-08

How Does Make Career In Archivist In Hindi- Kaise Archivist Me Career Banaye


Kaise Archivist Me Career Banaye-इतिहास संजोकर भविष्‍य संवारिए


ऐतिहासिक चीजों को संभालकर रखना एक कला है। और जों इस कला में निपुर्ण होता है, वह कलाकार आर्किविसट यानी पुरालेखपाल कहलाता है।


इतिहास, सिर्फ विश्‍व की कही-अनकही बातों को नही समेटता। कुछ भी इतिहास हो सकता है। आपकी बातें भी इतिहास हो सकती है। हैरत में न पडिए। जरा जेहन पर जोर डालिए। कैसे आपके परिजन आपको पूवर्जों के बारे में बताते है। पूर्वज नहीं है आज, पर उनकी बाते आज भी साथ है। आखिर यह इतिहास भी तो किसी ने संजोया होगा। माना कि व्‍यक्तिगत संरचना में इतिहास संजोने से आर्थिक लाभ नहीं होता, लेकिन औपचारिक संरचना में इसकी जरूरत हर एक खेमे में है। फिर चाहे वह बॉलीवुड हो, मीडिया हो, सरकार, कॉलेज, स्‍कूल या फिर कोई अन्‍य संस्‍थान हो। प्रोफेशनल रूप में यह करियर ‘आर्किविस्‍ट’ यानी पुरालेखपाल कहलाता है। आर्किविस्‍ट का मुख्‍य काम होता है इतिहास संजोना, उसे सुरक्षित रखना। इस काम में मौलिकता को बचाए रखना सबसे जरूरी होता है। पुरालेखपाल रिकॉर्ड्स को संजोते एवं एकत्रित करतेे है, जैसे- ऐतिहासिक पत्र, हस्‍तलिपि, डयरीज, फोटोग्राफ्स, पुराने सिक्‍के, नक्‍शें, फिल्‍म्‍स, वीडियो रिकॉर्डिंग्‍स आदि। आज हर क्षेत्र में आर्किविस्‍ट की मांग है, क्‍योकि सभी अपने अमुल्‍य रिकॉर्ड्स एवं दस्‍तावेजों को सुरक्षित रखना चाहते है। आर्किविस्‍ट की भारी मांग को देखते हुए यह करियर का बेहतर विकल्‍प बन सकता है।

कोर्स की एबीसीडी

आपने स्‍नातक चाहे इतिहास, पॉलिटिकल सांइस, लाइब्रेरी साइंस, पब्लिक एडमिनिस्‍ट्रेशन या आर्काइवल साइंस में की हो, आप आर्किविस्‍ट के तौर पर काम कर सकते है। यदि आपको साइंस आर्किविस्‍ट बनने में अधिक दिलचस्‍पी है, तों साइंस फॉर रिप्रोग्राफी का कोर्स जरूर करें। आर्काइवल साइंस  में स्‍नातक करने के बाद विद्यार्थी इसी विषय में एमए, फिर एमफिल और फिर पीएचडी कर सकते है।

कार्य का स्‍वरूप

पुरालेखपाल कई तरह के काम करते है। इन कार्यो में शामिल है, ऐतिहासिक महत्‍व की सभी संदर्भ  पांडुलिपियों और रिकॉर्ड्स को प्राप्‍त करना, उनका रख-रखाव करना और उनकी आपूर्ति करना। सरकारी रिकॉर्ड्स और दस्‍तावेजों की जांच करना और उन्‍हें अभिलेखागार में भेजना। विषय-वस्‍तु, रिकॉर्ड और दस्‍तावेजों का विश्‍लेषण करना और उनका संक्षिप्‍त वि‍वरण तैयार करना भी पुरालेखपाल की ही जिम्‍मेदारी होती है। इसके साथ ही वे सभी दस्‍तावेजों को कालक्रमानुसार और विभागवार व्‍यवस्थित करते है। संदर्भ मीडिया के रूप में सूचकांक, गाइड, संदर्भग्रंथ सूची और माइक्रो फिल्‍म प्रतियां अथवा दस्‍तावेज तैयार करना भी पुरालेखपाल के कार्य के अंतर्गत आता है। निजी स्‍त्रोतों से उन सभी दस्‍तावेजों को हासिल करना जो कि अभिलेखीय महत्‍व के है। सभी आधुनिक उपाय जैसे धूम्रीकरण (फ्यूमिगेशन) लैमिनेशन, एयर क्‍लीनिंग, माइक्रो फिल्मिंग आदि अपनाकर रिकार्ड्स की सुरक्षा और परिरक्षण भी करते है। सरकारी अभिकरणों, शैक्षणिक संस्‍थानों और अनुसांधान शोधाकर्ताओं की आवश्‍यकता के अनुसार संदर्भ सामग्री ढूंढकर और उन्‍हें उपलब्‍ध कराकर परामर्शदाता के रूप में भी ये कार्य करते है।

डिग्री नही, तो शॉर्ट टर्म कोर्स भी

किसी कारणवश आप आर्कइवल साइंस में ग्रेजुएशन से लेकर हायर सटडीज नहीं कर पाएं, तो भी आप आर्काइवल साइंस को पढ सकते है। कई यूनिवर्सिटीज पीजी सर्टिफिकेट इन आर्कइव्‍स, पीजी डिप्‍लोमा इन आर्काइव्‍स डॉक्‍यूमेंटेशन, मैनेजमेंट, पीजी डिप्‍लोमा इन आर्कावइल साइंस एंड मैन्‍युस्क्रिप्‍टोलॉजी और पीजी डिप्‍लोमा इन र्आवइल स्‍टडीज का कोर्स करवाती है। कई शॉर्ट अर्म कोर्स, जैसे- सर्विासिंग एंड रिपेयर ऑफ रिकॉर्ड्स, रिप्रोग्राफी और आर्कइव्‍स मैनेजमेंट भी करवाएं जाते है। इनसे आर्कइवल थ्‍योरी, मेथड, प्रैक्टिस ऑफ अप्रेजल, रिकॉर्ड मैनेजमेंड, इंफॉर्मेशन साइंस मैनेजमेंट और हिस्‍टोरिकल रिसर्च मेथड्स की अच्‍छी जानकारी हो जाती है।

बेहतर शिक्षण संस्‍थान

गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद
www.gujaratvidyaapith.org
अन्‍नामलाई यूनिवर्सिटी, तमिलनाडू
गांधी रूरल इंस्‍टीट्यूट, गांधीग्राम
ओसमानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
पॉन्‍डीचेरी यूनिवर्सिटी, पॉन्‍डीचेरी
महर्षि दयानंद सरस्‍वती यूनिवर्सिटी, अजमेर

मौके ही मौके

आर्कइवल साइंस में डिग्री, डिप्‍लोमा या शॉर्ट अर्म कोर्स करने के बाद आप सरकारी व गैर सरकारी सेक्‍टर में जॉब कर सकते है। इसके अलावा कर्मशियल बिजनेस ग्रुप लाइब्रेरीज एजुकेशनल इंस्टिट्यूट, संग्राहालय, हॉस्पिटल, हिस्‍टोरिकल कंजरवेटिव और नॉन गवर्मेंट सेक्‍टर में अच्‍छी  सैलरी पर नौकरी कर सकते है। इसमें पीएचडी करने के बाद आपको शैक्षणिक संस्‍थानों में अच्‍छे पद पर नौकरी मिल सकती है।

कमाई हो कितनी
15-18 हजार रूपये सैलरी एमफिल या डिप्‍लोमा करने पर होगी।
6-8 हजार रूपये शुरूआत में आर्किविसट की सैलरी

बढती रहती है सैलरी

शुरूआत में आर्किविस्‍ट की सैलरी कम होती है। तकरीबन 6 से 8 हजार रूपए के आसपास, लेकिन इस क्षेत्र में अनुभव हासिल करके आप लाखों तक कमा सकते है।

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