A

2018-06-24

Muft Ke Wi-Fi Use Na Kare Reason Jane kyu- Muft Ki Wi-Fi Ke Nuskan Ke Bare Me



मुफ्त वाई-फाई के चक्कर में ना पड़ें
 हैरकर्त मुफ्त वाई-फाई सेवा को साइबर अटैक की निशानी बनाते हैं इसलिए कोई भी मुफ्त वाई-फाई सेवा इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतें।
 सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क सुरक्षित बताया जाते हैं लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता ।इसके अलावा, इस्कैन टेलीमेट्री सर्वस से जुड़े जुटाई गई जानकारी के आधार पर पाया गया कि भारत में खतरनाक वायरस से अधिक प्रभावित राज्य मध्य प्रदेश है,  जो 32.63% संक्रमित हैं। इसके बाद 18.84% पर महाराष्ट्र का नंबर आता है और तीसरे नंबर पर 8.76% संक्रमण के साथ दिल्ली मौजूद है ।भारत में कई सारे आईएसपी(ISP) (इंटरनेट सेवा प्रदाता) मौजूद है। इनमें Google का रेलवायर भी है, जो रेलटेल द्वारा लांच की गई मुफ्त वाई-फाई सेवा है। यह भारत में उन तमाम नेटवर्क मे से शीर्ष पर रहा जहां वानाक्राई और दूसरे रैनसमवेयर की उपस्थिति पाई गई है। इसलिए कोई भी मुफ्त वाई-फाई सेवा इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतें। रेनसमवेयर, फिशिग आदि से सुरक्षित रहने के लिए कुछ टिप्स है,  जो सार्वजनिक स्थानों पर फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करते वक्त ध्यान में रखें जाए तो इन खतरे से बचा जा सकता है। सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क इस्तेमाल करते वक्त ऑनलाइन शॉपिंग , बैंकिंग आदि जैसे आर्थिक ट्राजैक्शन ना करें।सार्वजनिक वाई-फाई के जरिए कोई गुप्त/निजी जानकारी शेयर ना करें। अपने डिवाइस पर डाटा सुरक्षित रखने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का प्रयोग करें
 अपने डिवाइस को सार्वजनिक वाईफाई से ऑटोमेटिक कनेक्ट होने की अनुमति ना दें। वाई-फाई इस्तेमाल  करते वक्त फाइल शेयरिंग को ऑफ कर दें। असुरक्षित नेटवर्क से कनेक्ट करने का आपका डिवाइस साइबर हमलों का शिकार बन सकता है। अपने सिस्टम को सिक्योरिटी सूट से सुरक्षित करें, जो ना सिर्फ संदीग्ध ट्रैफिक ब्लॉक करता है बल्कि किसी भी खतरनाक एक्टिविटीज से आपके सिस्टम सुरक्षित भी रखता है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें